
चुन्नू सिंह
पटना:
बिहार के चर्चित IAS के०के० पाठक की इस्तीफे खबर सभी जगह चर्चा की विषय बनी हुई है । बिहार के तमाम व्हाट्सएप ग्रुप में इस्तीफे की खबर वाली पत्र वायरल है । शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों के व्हाट्सएप ग्रुपों में तो कुछ ज्यादा हीं वायरल ये पत्र बानी हुई है । इसके साथ हीं पाठक के इस्तीफे की खबर जंगल की आग की तरह मीडिया में फैल गई है । इससे जुड़ा के०के० पाठक का एक पत्र वायरल हो गया। पत्र में लिखा हुआ है कि ‘अधोहस्ताक्षरी, मैं के. के. पाठक, भा. प्र. से. (1990), सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार पटना के अधिसूचना संख्या-1/पी-1004/2021/सा०प्र०-590, दिनांक-9.1.2024 के आलोक में आज दिनांक 9.1.2024 के अपराह्न में अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार पटना के पद का प्रभार स्वतः परित्याग करता हूं।’ पत्र के नीचे के०के० पाठक की हस्ताक्षर है।
वायरल लेटर में तकनीकी पेच के०के० पाठक के ‘पद परित्याग’ को कुछ लोगों ने इस्तीफा समझ लिया। इस लेटर की प्रतिलिपि को शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन सुबोध कुमार ने राज्य सरकार के सारे प्रमुख पदाधिकारियों को भेजा है। बस, यहीं शुरू हुई के०के० पाठक के इस्तीफ की खबर।
दरअसल के.के. पाठक ने अपने पद परित्याग के पत्र में दो बार बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/पी-1004/2021/सा.प्र.-590 , दिनांक 09.01.2024 का जिक्र किया है। जिसमें के०के० पाठक कह रहे हैं कि इस अधिसूचना के आलोक में वे पद का स्वतः परित्याग कर रहे हैं।
16 जनवरी को फिर करेंगे जॉइन
नियम के मुताबिक बिहार सरकार ने अफसरों के कामकाज के लिए के संहिता (गाइडलाइन) बना रखी है। उसकी अनुसूची संख्या-53 के तहत किसी अहम पोस्ट पर तैनात अफसर को लंबी छुट्टी पर जाने से पहले फॉर्म नंबर 202 भरना होता है।
लोगों में ये कौतूहल बना हुवा है की क्या सही में के के पाठक ने पद से इस्तीफा दे दिया है ..? इसकी तकनीकी पेंच समझिए।
शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी छुट्टी की अवधि तक के लिए अपने पद का परित्याग (छोड़ना) करते हैं। के०के० पाठक उसी नियम के तहत पद परित्याग का फॉर्म भर कर छुट्टी पर गए हैं। ऐसे में जब के०के० पाठक 16 जनवरी के बाद छुट्टी से वापस लौटेंगे तो फिर से पद संभालने का प्रपत्र (लेटर) भरेंगे।
दूसरी तरफ पटना मुख्यालय जब मीडियाकर्मियों ने इस बात की पुष्टि करने के लिए फोन की तो ऐसी किसी खबर से मुख्यालय के अधिकारियों ने अंभिज्ञता जाहिर की ।