बिहारराजनीति

जनसंहार और कॉर्पोरेट लूट के गुजरात मॉडल को देश पर थोपना चाहती है भाजपा : दीपंकर भट्टाचार्य

हमारे पास है जनांदोलनों का बिहार मॉडल, फासीवाद की निर्णायक हार इसी रास्ते होगी*

पटना में आयोजित पार्टी के 11 वें महाधिवेशन से नए आशा व उत्साह का हुआ संचार*

जमुई में भाकपा – माले की दो दिवसीय राज्य कमिटी की बैठक शुरू

जमुई । रामनवमी मनाने के नाम पर बिहार में हुए तोड़-फोड़ और हिंसा का सुनियोजित अभियान चलाया गया, जो बेहद चिंताजनक है. इसके खिलाफ़  सामाजिक और राजनीतिक धरातल पर हमें काम करना है और भाजपा की साजिश को विफल करना है. हमे और अधिक सतर्कता व दृढ़ता के साथ फासीवादी ताकतों का मुक़ाबला करना होगा. उक्त बातें आज जमुई में आयोजित भाकपा – माले की राज्य कमेटी की बैठक में पार्टी के महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कही.
माले महासचिव ने कहा कि बिहारशरीफ को सांप्रदायिक उन्माद-उत्पात के लिए बेहद सोच समझकर चुना गया. 100 साल पुराने ऐतिहासिक मदरसे को जला कर राख कर दिया गया. यह एक पहचान गिराने की कोशिश है.
यह मदरसा शिक्षाविद बीबी सोगरा द्वारा अपने पति मौलवी अब्दुल अजीज की याद में स्थापित किया गया था, जिन्होंने औपनिवेशिक सरकार की नौकरी छोड़कर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था. यह बेहद चिंताजनक है.
ये घटनाएं राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव की विरासत और बिहार के हर एक शुभचिंतक को सचेत करने के रूप में सामने आई हैं. इस हिंसा के कुछ ही घंटों के भीतर अमित शाह द्वारा भाजपा के लिए जनादेश का निर्लज्जतापूर्ण आह्वान संघ-भाजपा के चुनावी गेम प्लान को एकदम से स्पष्ट कर देता है. उन्होंने शांति की अपील करने की बजाए सांप्रदायिक उन्माद की घटनाओं को वोट की राजनीति से जोड़ दिया. अमित शाह ने कहा कि गुजरात में भाजपा ने ऐसा कर दिया है कि वहां स्थाई शांति कायम हो गई है. यह स्थायी शांति क्या है? यह मुसलमानों के लिए दंगाई भाजपाइयों का कोडवर्ड है. गुजरात माॅडल जनसंहार पर आधारित माॅडल है. आज देश को बिहार माॅडल की जरूरत है. यह माॅडल देश को गुजरात होने से बचाएगा. बिहार मॉडल सामंती- साम्प्रदायिक हमलों को झेलते हुए जनान्दोलनों का मॉडल है.
बैठक में यह बात उभरकर सामने आयी कि उन्मादी घटनाओं के पीछे भाजपा की गहरी साजिश है. 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने बिहार में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू कर दी है.  रामनवमी के जुलूस को दंगा जुलूस में बदल दिया गया है. 10 से 12 साल के बच्चों के हाथों में हथियार थमाकर मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी करवाई जा रही है.
दरअसल, बिहार की सत्ता से बेदखली के बाद भाजपा बौखलाई हुई है और वह उन्माद-उत्पात फैलाने में लगी हुई है. बिहार सरकार को जिस स्तर व जिस गति से इन उन्मादी – उत्पाती ताकतों पर लगाम लगाना चाहिए, उसमें कमी दिख रही है. नफरत व विभाजन की राजनीति को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
बिहार शरीफ में सिटी पैलेस, एशिया होटल सहित सैकड़ो दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया. करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है.  उलटे मुस्लिम समुदाय के गरीब नौजवानों को गिरफ्तार किया जा रहा है, यह कहीं से उचित नहीं है.
सासाराम में भी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जा रहे थे, उन्हें टारगेट करके गालियां दी जा रही थीं. 31 मार्च को लगभग 11 बजे चिकटोली मस्जिद पर हमला किया गया. उसका ताला तोड़ दिया गया और मुस्लिम समुदाय के धर्मग्रंथों को फाड़ दिया गया. शाह जलाल पीर मुहल्ला में शाऊद कुरैशी की गाड़ी में आग लगा दी गई.
बैठक मे भाजपा द्वारा बिहार मॉडल को बदनाम करने के प्रयासों को नाकाम करने पर बातचीत हुई. इसके अलावा पटना में आयोजित 11 वें महाधिवेशन के सफ़ल कार्यक्रम पर भी बातचीत हुई. फासीवाद को हराने के लिए भाकपा  –  माले को वैचारिक – राजनीतिक स्तर को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया. हम सभी हताहत परिवारों को तत्काल मुआवजा देने, मदरसे के पुनर्निर्माण की मांग करते हैं. 14 अप्रैल को इस आलोक में पूरे राज्य में कार्यक्रम होंगे.

डॉ अम्बेदकर की मूर्ति पर माल्यार्पण, संविधान  – लोकतंत्र को बचाने का लिया गया संकल्प

दीपंकर भट्टाचार्य, स्वदेश भट्टाचार्य सहित राज्य सचिव कुनाल, अमर,  राजाराम सिंह, मीना तिवारी, पार्टी के सभी विधायकों ने जमुई आगमन पर डॉ. अम्बेदकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और फासीवाद के खिलाफ़ संविधान और लोकतन्त्र बचाने का संकल्प लिया.
बैठक मे पार्टी के सभी जिला सचिव और संयोजक उपस्थित हैं. बैठक कल तक चलेगी. पार्टी के वरिष्ठ नेता के डी यादव,  आर एन ठाकुर, इंद्रजीत चौरसिया आदि की अध्यक्षता में बैठक चल रहीं है.

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