पटना। वेटनरी काॅलेज ग्राउंड में जदयू की ओर से आयोजित भीम संसद सह सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी डाॅ. भीमराव अंबेदकर के महान संविधान को बदलने के लिए प्रयासरत है। 2014 में मोदी सरकार आने के बाद से भारत के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर खतरा का बादल मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में हम सभी को सजग और सतर्क रहने की जरूरत है।
उमेश सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि दलित-महादलित वर्गों के उत्थान के लिए भाजपा के पास न नीति और न नीयत। सम्प्रदायिक राजनीति के आड़ में देश की जनता को बरगलाने की कोशिश हो रही है ताकि उनकी कुर्सी सलामत रहे। उन्होंने कहा कि भीम संसद कार्यक्रम में उमड़ा यह जनसैलाब इस बात की गवाही देता है कि दलित-महादलित वर्गों की आस्था नीतीश कुमार में बसती है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में आरक्षण के दायरे को बढ़ाकर सामाजिक न्याय के साथ विकास का अद्भुत मिशाल पेश किया है। नीतीश कुमार के 18 वर्षों के कार्यकाल में बिहार का शोषित, वंचित, दलित और पिछड़ा समाज सबल और सशक्त हुआ है।
उमेश सिंह कुशवाहा ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश नहीं बिकने दूंगा का नारे लगाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज देश के सरकारी सम्पतियों को चंद पूंजीपतियों के हाथों में बेच रहे हैं। देश के गरीब, कमजोर, शोषित और पीड़ित जनता के लिए श्री नरेन्द्र मोदी के दिल में कोई जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा न जनता की हितैसी है और न संविधान की। ऐसी निकम्मी सरकार को देश की गद्दी से हटाने का संकल्प हमारे नेता नीतीश कुमार ने लिया है। हमारे नेता के प्रयास से देशभर का विपक्ष आज एकजुट हुआ है। उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में हमें अपनी एकजुटता और ताकत का परिचय देना है और बिहार की सभी चालीस लोकसभा सीटों पर भाजपा का सफाया कर भाजपा मुक्त भारत बनाने के संकल्प को साकार करना है।