बिहारराजनीति

जातीय गणना का कार्य पूर्ण कराने के लिए जदयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जताया आभार

नीतीश कुमार के रहते अतिपिछड़ों के साथ कोई अन्याय नहीं कर सकता : ललन सिंह

  • प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा जातीय गणना : उमेश सिंह कुशवाहा
  • जातीय गणना का मुखर विरोधी रही है भाजपा : मंगनी लाल मंडल
  • नीतीश कुमार के वजह पूरे देश में जातीय गणना चर्चा का विषय बना: संजय झा

पटना । बिहार सरकार द्वारा जातीय गणना का चिर-प्रतिक्षित कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने एवं साथ ही ससमय गणना के आँकड़े जारी करने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का धन्यवाद प्रकट करने हेतु शुक्रवार को जदयू द्वारा पार्टी मुख्यालय के कर्पूरी सभागार में धन्यवाद समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ‘‘ललन’’ मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार चद्रवंशी एवं संचालन विधायक विजय कुमार निषाद ने किया। धन्यवाद ज्ञापन खगड़िया के जिलाध्यक्ष श्री बब्लू मंडल ने किया।
अपने सम्बोधन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद राजीव रंजन सिंह ‘‘ललन’’ सिंह ने कहा कि जातीय गणना का जब निर्णय लिया गया तब भाजपा के द्वारा कई तरह के चक्रव्यूह रचे गए लेकिन नीतीश कुमार ने अभिमन्यु की तरह सारे चक्रव्यूह को तोड़ने काम किया।


जातीय गणना के माध्यम से नीतीश कुमार ने न्याय के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। अतिपिछड़ा समाज नीतीश कुमार की ताकत हैं और नीतीश कुमार अतिपिछड़ों की पहचान हैं। जब तक नीतीश कुमार हैं अतिपिछड़ों के साथ कोई अन्याय नहीं कर सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को केवल धार्मिक उन्माद और तुष्टिकरण के मुद्दे पर चुनाव जीतना चाहती है इसलिए आप सबो को हम भाजपा से सचेत रहने का आग्रह करते हैं। भाजपा को जनता के कल्याण से कोई मतलब नहीं है। भाजपा आरक्षण और संविधान के भी खिलाफ हैं।
नगर निकाय चुनाव के दौरान भी भारतीय जनता पार्टी ने पर्दे के पीछे से अतिपिछड़ा आरक्षण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका किया था मगर तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कह दिया था कि बगैर अतिपिछड़ा आरक्षण के नगर निकाय चुनाव संपन्न नहीं किया जाएगा और अंत में अतिपिछड़ा आरक्षण के साथ ही नगर निकाय चुनाव सम्पन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद को अतिपिछड़ा समाज का बेटा कहते हैं लेकिन सच यह है कि गुजरात में कोई अतिपिछड़ा समाज नहीं है। यानी प्रधानमंत्री जनता के बीच में भ्रम फैलाने का काम करते हैं। उन्होंने बीते 10 वर्षों में सिर्फ देश की जनता को ठगने काम किया।
प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दृढ-इच्छाशक्ति का प्रमाण है कि भाजपा द्वारा लगाए गए अडंगे के बावजूद भी जातीय गणना का कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है। जातीय गणना बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। हमारे नेता के कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने जो कहा था वह ससमय करके भी दिखाया।
भाजपा जातीय गणना को पूरा होने नहीं देना चाहती थी। केंद्र सरकार ने जब जातीय गणना कराने से इनकार कर दिया था तब बिहार की सरकार ने अपने संसधान से इसको पूरा करवाया। देश का महान लोकतंत्र और संविधान आज खतरे में है, देश नाजुक स्थिति में है। नीतीश कुमार ने भाजपा हटाने का संकल्प लिया है। आप सबो से आग्रह है कि भाजपा को बिहार की सभी 40 सीटों से सफाया कर नीतीश कुमार के संकल्प को साकार करने में अपना अमूल्य योगदान दें।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि जातीय गणना के लिए हमारी मांग बहुत पुरानी है। इसके संघर्ष का इतिहास भी पुराना रहा है। जातीय गणना का सीधा मतलब आरक्षण और हिस्सेदारी से है। भाजपा के लोग शुरू से ही इसका मुखर विरोधी रहे है। बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने सामाजिक न्याय को स्थापित करने के लिए इस जोखिम भरे काम को किया है। इसके लिए हम उनका आभार प्रकट करते हैं। नीतीश कुमार शुरु से ही समतामूलक समाज के पक्षधर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जातीय गणना के आँकड़े देखकर घबराए हुए हैं।
मंगनी लाल मंडल ने कहा कि भाजपा के गोद में खेल रहे कुछ लोग जातीय गणना के आँकड़े पर सवाल उठा रहे हैं। उन्हें यह जानने कि आवश्यकता है कि 1931 में जो आँकड़े आए वह बिहार, झारखंड और ओडिसा को मिलाकर आए थे। राज्यों का विभाजन होने के बाद आँकड़े में गिरावट आना स्वभाविक है। सामाजिक और आर्थिक असमानता को खत्म करने का सबसे बेहतर तरीका है जातीय गणना।
वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन हेतु पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष का हम तहे दिल से आभार प्रकट करते हैं। जातीय गणना कितना बड़ा ऐतिहासिक कार्य है यह आने वाला समय बताएगा। नीतीश कुमार जैसे पक्के इरादे वाला व्यक्ति अगर बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होता तो इस कार्य को आधे पर से ही छोड़ दिया जाता। जातीय गणना के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार के व्यक्तव से भाजपा की असली मंशा साफ हो गई थी। यह लोग शुरू से ही जातीय गणना के पक्ष में नहीं थे।
जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि पहले भी कुछ प्रदेशों ने जातीय गणना की लेकिन उसको प्रकाशित करने का काम नहीं किया। नीतीश कुमार ने पहली बार जातीय गणना करवाई भी और ससमय उसका रिपोर्ट भी जारी किया। आज जातीय गणना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। 2024 में इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो पूरे देश में जातीय गणना करवाई जायेंगे। नीतीश कुमार ने देशभर में घूमकर तमाम विपक्षी दलों को एकजुट किया है। भाजपा अब इंडिया गठबंधन से बौखलाई हुई है।


ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार ने जातीय गणना को मूर्त रूप देने का काम किया है। इसके लिए हम उनका कोटि कोटि आभार प्रकट करते है। भाजपा के लिए लोगो ने जातीय गणना को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का फैसला लिया लेकिन वहाँ भी उन्होंने नाकामी हाथ लगी है। भाजपा गरीबो को हक नहीं देना चाहती है।
मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि जातीय गणना के माध्यम से नीतीश कुमार ने पूरे देशभर में एक नजीर पेश की है जिसका अनुसरण आज पूरा देश कर रहा है। नीतीश कुमार बापू और लोहिया के विचारो पर चल रहे हैं। वर्तमान समय में वो समाजवाद का सबसे चमकता हुआ चेहरा है।
समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि नीतीश कुमार शोषित और वंचित समाज को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। जब जब मुख्यमंत्री हमें ताकत प्रदान करते हैं तब तब भाजपा बीच में अड़ंगा लगाने का काम करती है। जातीय गणना और नगर निकाय चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा न्यायालय में रुकावटें पैदा करने की कोशिश की गई लेकिन नीतीश कुमार पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खां ने कहा कि नीतीश कुमार ने जो ऐतिहासिक कार्य को अंजाम दिया है उसे आने वाली पीढियां याद रखेगी। भाजपा को अब सत्ता जाने का डर सताने लगा है।

 

 

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